बी1 फॉर्म और ई‑KYC में क्या अंतर है?
अगर आप मध्यप्रदेश में रहते हैं और आपके पास ज़मीन है, तो आपने शायद MPBhulekh पोर्टल के बारे में सुना होगा। यह एक ऑनलाइन सेवा है जिसे राज्य सरकार ने ज़मीन के रिकॉर्ड को सरल और सुलभ बनाने के लिए शुरू किया है। जब आप ज़मीन के रिकॉर्ड चेक करते हैं, तो आपको B1 फॉर्म और e-KYC शब्द दिखाई देंगे। ये दोनों शब्द थोड़े भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन चिंता मत कीजिए — इस लेख में हम इन दोनों का अंतर सादे शब्दों में समझाएंगे, ताकि आपको समझने में आसानी हो।

सबसे पहले: MPBhulekh क्या है?
इससे पहले कि हम अंतर पर चर्चा करें, चलिए जान लेते हैं कि यह पोर्टल क्या है।
MPBhulekh मध्यप्रदेश सरकार का ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड सिस्टम है। यहां आप अपनी ज़मीन के विवरण जैसे खसरा, खतौनी, B1 फॉर्म और यहां तक कि भूमि नक्शा (Bhu Naksha) भी देख सकते हैं, वह भी आपके फोन या कंप्यूटर से।
B1 फॉर्म क्या है?
B1 फॉर्म को समझें, यह आपकी ज़मीन का एक आधारभूत दस्तावेज़ है।
यह आम तौर पर निम्नलिखित जानकारी देता है:
यह दस्तावेज़ तब दिखता है जब आप किसी ज़मीन के बुनियादी विवरण को देखना चाहते हैं। लोग इसे आमतौर पर खसरा या खतौनी भी कहते हैं।
सरल उदाहरण
कल्पना करें कि आपकी ज़मीन एक कमरे की तरह है।
- B1 फॉर्म उस कमरे का फ्लोर प्लान जैसा होता है — यह दिखाता है कि कमरे का आकार कितना है, वह कहाँ स्थित है, और उसका मालिक कौन है।
e-KYC क्या है?
e-KYC का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर।
MPBhulekh में, e-KYC एक सत्यापन प्रक्रिया है जो यह सुनिश्चित करती है कि आप वही व्यक्ति हैं, जैसा आप कहते हैं। इसमें आपका मोबाइल नंबर और OTP इस्तेमाल किया जाता है, ताकि सिस्टम यह जान सके कि ज़मीन का मालिक असल में वही व्यक्ति है, जो लॉगिन कर रहा है।
सरल उदाहरण
अगर आप अपनी ज़मीन के कमरे में प्रवेश करना चाहते हैं, तो आपको पहले यह साबित करना होता है कि आप उस घर के सदस्य हैं — जैसे अपना चाबी या पहचान पत्र दिखाना। यह है e-KYC। आप यह भी पढ़ सकते हैं:MPBhulekh पोर्टल पर OTP लॉगिन फेल्योर की समस्या का समाधान
B1 फॉर्म और e-KYC — क्या अंतर है?
| फीचर | B1 फॉर्म | e-KYC |
|---|---|---|
| यह क्या है | ज़मीन का रिकॉर्ड | पहचान सत्यापन |
| उद्देश्य | ज़मीन का विवरण दिखाता है | यह पुष्टि करता है कि आप कौन हैं |
| जब यह उपयोग करें | ज़मीन के दस्तावेज़ को देखना या डाउनलोड करना | सुरक्षित रूप से लॉगिन करना और पहचान साबित करना |
| क्या इसमें पहचान की जानकारी है? | नहीं | हां |
क्यों लोग इन्हें मिलाते हैं?
कई उपयोगकर्ता यह मानते हैं कि B1 फॉर्म और e-KYC एक ही हैं, क्योंकि दोनों ही MPBhulekh पोर्टल पर ज़मीन के रिकॉर्ड चेक करते समय सामने आते हैं। लेकिन इन दोनों की अलग-अलग भूमिका है:
आपको कब कौन सा इस्तेमाल करना चाहिए?
B1 फॉर्म की आवश्यकता तब होती है जब:
e-KYC की आवश्यकता तब होती है जब:
B1 फॉर्म और e-KYC का उपयोग कैसे करें
B1 फॉर्म कैसे एक्सेस करें:
e-KYC कैसे पूरा करें:
प्रो टिप्स (आसान टिप्स)
FAQs:
अंतिम शब्द
अब जब आपको B1 फॉर्म और e-KYC का अंतर समझ में आ गया है, तो MPBhulekh पोर्टल का उपयोग करना और भी आसान हो जाएगा। चाहे आपको B1 फॉर्म से ज़मीन का विवरण चाहिए या e-KYC के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी हो, अब आप जानते हैं कि कौन सा विकल्प कब और क्यों इस्तेमाल करना है।
